अरविन्द -“the twitter”

अरविन्द केजरीवाल चुन चुन कर कांग्रेसी नेताओ को फसा रहे है ,अच्छा है कोई तो है जिसने मनमोहक सरकार की इट-से-इट बजा रखी है,
अरविन्द केजरीवाल ने एक नया फ़ॉर्मूला निकला है ट्विट (चहको)करो और आगे बढ़ो, फिर ट्विट(चहको)करो फिर आगे बढ़ो , नहीं समझे ! मतलब की आरोप  लगाओ और दो दिन बाद उसे उसके हालत पे छोर दो, फिर आरोप लगाओ और फिर उसे उसके हाल पे छोर दो, यहाँ सिर्फ खुर्सिद के मामले में वो कुछ संजीदा दिख रही है , मगर उनके आरोप प्रत्यारोप की दौर में हंगामा बहुत होता है, मिडिया खबर बहुत दिखाती है, आज मिडिया अरबिंद के कदमो का इंतजार करती है, मगर अरविन्द खुद कोई कठोर कदम नही उठाते , न ही कोर्ट में ही इन आरोपी नेताओ को घसीट रही, आखिर ये कौन से सबूत है जो इन नेताओ को जेल नही भेजवा सकती या कम से कम अदालती चककर नही लगवा सकती, शंका होती है, वेसे भी मुझे उनपे भरोसा कम ही है,क्युकी मैं राजनेता पे भरोसा नही कर पाता|
ये खुर्सिद मामला भी ओपरेसंन धृतरास्त्र  के कारन ही सुर्खियों में आया और आज भी सबसे आगे बढ़ चढ़ कर आजतक ही लोगो को दिखा रही है,इधर  विकलांग नेता जिन्होंने आन्दोलन सुरु करने की कोशिस की थी वो भी नेपथ्य में  खो गयी सी लगती है, सिर्फ केजरीवाल केजरीवाल की गुन्ज सुनाई देती है,
राजनीती में भूचाल आ गया लगता है, मगर हकीकत एसी नही, जो लोग आज केजरीवाल के साथ खरे है उनमे से ७५ या ८० % लोग इस यु पि ए सरकार से दुखी है और चाहती है की ये सरकार चली  जाये, और इनमे से कितने लोग केजरीवाल की आनम पार्टी को अपना मत दान देंगे ये देखना है, सबसे रोचक बात आधे से जयादा केजरीवाल स्पोटर युवा है, वो भी वो युवा जिनको मतदान का अधिकार नही, कारन कई है जैसे -१ – वो पदने बाहर  से आये  है , २- कामकाजी युवा है जो बाहर से है,३- बीजेपि के वोटर है ४- कांग्रेस से त्रस्त है मगर पता नही कीसे  वोट दे?,
अब अगर केजरीवाल पार्टी कोई ठोस और विस्वसनीय कदम नहीं उठाती तो ये याद रखे की कुछ लोग उन्हें अन्ना जी का गद्दार चेला मानते है, गद्दार चेला! इस बदनामी से उन्हें  बाहर निकलना ही होगा, जिसके लिए कठोर इक्छा सकती की जरुरत है|

और जैसा की होता आया है श्री केजरिवाल  ने एक बार फिर आरोप लगाने और हंगामा / आन्दोलन 3-४ दिन बाद कर दी स्थगीत , जहा की उनका बार बार कहना था- जब तक खुर्सिद की मंत्री पद चलेगी तब  तक हमारा आन्दोलन चलेगा! मगर खुर्सिद को तंग करने के बाद वो अब किसी दुसरे नेता को घेरने की तय्यारी में लग गए गएुछ लोग कह सकते है की-एसा नही है ,केजरीवाल जी फरुखाबाद से खुर्सिद को घेरेंगे| जी हा वो वह भी दो दिन हंगामा करेंगे बस, जब श्री अन्ना हजारे अनसन या आन्दोलन करते थे तब जब तक परिणाम या कोई ठोस अस्वासन  न मिले तब तक वो चुप  नही होते थे, क्युकी -“सिर्फ हंगामा खरा करना अन्ना जी का  मकसद नही उनका मकसद है की कुछ परिणाम निकलना चाहिये”| याद रहे अन्ना जी ने 6 मंत्री को पद से हटवा चुके  है, उनके इक्छा सकती के आगे कितने  ही नेता ने घुटने टेके है , क्युकी साँच को आंच नहीं |
अरविन्द  जी चहके नही दृन्ध -प्रतिज्ञ रहे ,अन्ना जी से सीखना ही  होगा इक्छा-शक्ति कैसे बढाये और सत्य की राह  में कैसे आगे बढे|

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vishal shresth

4 thoughts on “अरविन्द -“the twitter”

  1. ekdam sahi bola bhai, larkiyo ki tarah chakte hai aur fir bhul jate hai, ye to ek no ke poltician hai , ye to pakka tarkki karega

  2. arvind ji congress ke khilaf halla kar congress ki hi madat kar rahe hai, kyuki kisi bhi mamle me wo faisla aane hi nahi dete aur nikal parte hai

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