हिम्मतवाला (है हिम्मत तो जाओ देखो हिम्मतवाला ) a film

धन्य धन्य हुए साजिद की हिम्मतवाला फिल्म देख कर , साजिद , फराह और शिरीष कुंदर नामक  तीन महान निर्माता-निर्देशक की पिछली  फिल्मे भी वाह! वाह! क्या खूब थी , अरे आपको तो याद ही होगा- सुपर डुपर हिट  फिल्मे-१ – जोकर-(बनाया क्योकर),२- तीसमार खा-( फन्ने  खा), ३-डरना जरुरी है (सचमुच जरुरी है)४-, होउसेफ़ुल(कुछ हद तक  )  आदि , कुछ अच्छी फिल्मे जरुर फराह के नाम है 

 

अजय  और तमन्ना स्टारर  फिल्म हिम्मतवाला को पहले और दुसरे  दिन बॉक्स ऑफिस पर रिस्पॉंस तो अच्छा मिला लेकिन फिल्म को देखने के बाद लोगों ने येही कहा- ” है हिम्मतImage तो जाओ देखो हिम्मतवाला”। फिल्म में तमन्ना और अजय देवगन  बेहतरीन लगे हैं लेकिन फिल्म की कहानी में कुछ नयापन या खास देखने को नहीं मिला। साजिद खान के  वादे वाह वाह माशा-अलाह थे , मगर सब हवा-हवाई । हालांकि फिल्म में काफी अच्छी कॉमेडी है लेकिन फिल्म अपनी ओरिजनल फिल्म की कॉपी ही लगी है , और जिन जिन लोगो ने असली हिम्मतवाला  ७३ में देखि थी वो तो उस घरी को कोष रहे होंगे की क्यों आये वो फिल्म देखने । 
Image
 
sazid khan
 
भाई आगे से मैं तो सावधान रहूँगा , आप लोग अपना अपना धयान रखे 
 
 
vishal shresth

बर्फ़ी कि प्रांसगिकता और आँस्कर पुरस्कार

आँस्कर पुरस्कार कि नांमाकन के दौर से कहानि का पलायन काफ़ि दिलचस्प रहा। व्यक्तिगत रुप से मै बर्फ़ी का प्रसन्शक हुँ, किन्तु कहानि के सुन्दर पटकथा, विध्या बलान कि लाजवाब अदाकारि और कहानि का अपने-आप मे किसि का नकल ना होना, मै  बर्फ़ी के मुकाबले कहानि को आस्कर पुरस्कार कि दौर मे देखना पसन्द करता। अब चुकि बर्फ़ी को नामंकित कि ज चुका है तो उन सभि तथ्यो का खुलासा कर दु जिन्के कारण मुझे बर्फ़ी के चयन और पुरस्कार कि दौर मे विजेता होने पे शक है…….

Image

धुन्-  – इत्ति सि हसि- साउथ ओफ़ द बौउदर (१९६८) प्रसिद्ध अलबर्त कि धुन कि हु-ब​-हु नकल लग्ति है।

अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍मों के दृश्‍यों की हू-ब-हू नकल – बर्फी के ज्‍यादातर फनी स्टंट चार्ली चैपलिन और जैकि चेन की  फिल्‍मों के दृश्‍यों की हू-ब-हू नकल है।
बर्फी के ज्‍यादातर फनी स्टंट चार्ली चैपलिन और जैकि चेन की फिल्‍मों से लिए गए लग्ते  हैं। फिल्‍म के एक सीन में रणबीर यानी कि बर्फी सीढी पे चढ़कर उसे एक किनारे से दूसरे किनारे की तरफ घुमाता है जब पुलिस वाले उसका पीछा कर रहे होते हैं, यह सीन चार्ली चैपलिन की फिल्‍म कॉप्‍स(१९२२) से लिया गया है,
फ़िल्म के एक सीन में रणबीर एक दरवाजे को इधर-उधर घुमाते हुये पुलिस को चकमा देने की कोशिश करने का सीन भी चैपलिन की फिल्‍म एडवेंचरर (१९१७) से लिया गया है।
एक सीन में प्रियंका चोपड़ा और रणबीर कपूर सड़क के किनारे बैठकर सड़क पर एक कील रखकर आने-जाने वाली गाड़ियों का टायर पंक्चर करने की फिराक में रहते हैं. ये सीन दर्ज़नो फ़िल्मो मे देख| है, खास कर ताकेशी कितानो निर्देशित जापानी फिल्‍म किकुजीरो मे भि यहि सीन है।
जैकी चेन की फिल्‍म प्रोजेक्‍ट ए (१९८३) कि तरह बर्फी में एक जगह पुलिस रणबीर के पीछे पड़ी है और वो उनसे बचने के लिए साइकिल से भागते है और उसकि भि हु-ब्-हु नकल है।
द नोटबुक (२००४) से भि एक भावुक दृश्‍य कि नकल कि गयि है, जहां बीमार रणबीर के आखिरी छण में प्रियंका चोपरा उनके बगल में लेट जाती है, हद तो तब हो गयि जब – एक सीन जिसमें इलियाना डीक्रूज की मां उसे जंगल ले जाकर एक लकड़ी काटने वाले आदमी को दिखाकर बताती है कि वह उससे प्‍यार करती थी और उसके साथ भागना चाहती थी फिल्‍म द नोटबुक (२००४) से लिया गया है, इन्के अलावा भि इन्टरनेट पे काफ़ि सरि नकल कि खबर पोस्ट है,
सायद अनुराग बसु को ये पता नहि थि कि फ़िल्म इतनि हिट होगि और आस्कर कि होड़ मे शामिल होगि वरना थोड़ा ध्यान से नकल करते।

अब आस्कर पुरस्कार कि ज्युरि को इन फ़िल्मो कि जानकारि न हो एसा होना बहुत मुसकिल प्रतित होता है। एसे मे क्या क्या बर्फ़ी का चयन सहि है? मुझे तो नहि लगता, आपको क्या लगता है?
आप सबको ये बात बता दु कि यहा उप्लब्ध करायि गयि जानकारि केवल हिट फ़िल्मो कि नकल के बारे मे बतायि गयि है, कुछ फ़िल्मे एसी भि हो सकति है जिन्के बारे मे हमे और अपको जानकारि नहि हो।

नोट – सारि उप्लब्ध जानकारिया और चित्र गुगल और निव्ज चैनलो से लि गयि है।