ये झारू जरुर चलेगी ! (आम आदमी पार्टी) Aap

ये झारू जरुर चलेगी !,, बहुत दिनों से आम इन्सान इस इंतजार  में थे की राजनीती से ये गंदगी कैसे साफ होगी? कौन करेगा?क्यों करेगा?

चलो फिर आदरनीय अन्ना हजारे के चेलो ने समाज से ये गंदगी साफ करने की बिरा उठाया, मैं खुद इस राजनेतिक दल बनाने के निर्णय से नाखुश रहा और आगे भी खुल कर समर्थन में सायद ही आ सकू।
आम आदमी का नाम ले कर एक राजनेतिक दल बना आम आदमी पार्टी, लाखो लोगो ने हाथो हाथ लिया,और इनके समर्थको की संख्या बढती चली,
शायद  कल को केजरीवाल ये शेर भी सुनाये-” मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगर, लोग  साथ आते गये और कारवाँ बनता गया, दहर में ‘मजरूह’ कोई जाविदां मज़मूं कहां , मैं जिसे छूता गया वो जाविदां बनता गया”
अब  जब बात राजनीती से गंदगी साफ करने की हो तो चिन्ह (चुनाव-चिन्ह) भी कुछ ऐसा ही चाहिए, तो लो जी चुनाव आयोग ने भी काफी सोच समझ कर राजनीती से गंदगी साफ करने के लिए एक चिन्ह दिया जो आम-आदमी काफी आराम से इस्तमाल करते है अपने घर की गंदगी साफ करने के लिए, तो अब राजनीती की गंदगी साफ करने के लिए भी येही चिन्ह मिला- झारू!
जी हा ये झारू जरुर चलेगी अब काफी सारे राजनेतिक दलों के समर्थक इसका मजाक उरायेंगे , अरे उनका काम है ये अपने संस्कार तो वो दिखायेंगे ही,
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आप लोग और आप के लोग मुझे अरविन्द समर्थक समझने की भूल न करे वरना भविष्य में दर्द होगा, मैं तो बस दिल की सुनता हु, क्या करू अन्ना जी का चेला हु न|
इधर कुछ दुविधा भी है, राजनेतिक गंदगी को दूर करने के चक्कर में ये कही खुद भी इस गंदगी का हिस्सा न बन जाये,मगर इस डर से एक इमानदार पहल से दूर नही भाग सकते, बहरहाल जो भी हो ये झारू जरुर चलेगी अब गंदगी साफ करने में चले या आम इन्सान की मासूम सोंच पे |
आपका विशाल श्रेष्ठ
note- image credit Google search
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देर न हो जाये कही बीजेपी को देर न हो जाये

आज दो खबरों ने मेरा धयान खींचा , एक तो श्री आडवानी जी के घर के बाहर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओ ने जो मोदी समर्थन में और आडवानी विरोध में नारे लगाये वो अशोभनीय था, प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि आडवाणी उम्रदराज हो गए हैं और उन्‍हें मोदी के लिए रास्‍ता साफ करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों में शामिल एक साधू ने आडवाणी को अपना ‘चेला’ बताते हुए कहा कि आडवाणी को राष्‍ट्रहित में मोदी का समर्थन करना चाहिए, (मैं यहाँ ये जरुर बता दू की मैं किसी दल या व्यक्ति का समर्थक नही , मैं श्री अन्ना हजारे की बात को मानने वालो में से हू )|  और दूसरा  भाजपा में आडवाणी खेमे के कई नेता गोवा कार्यकारिणी से नदारद हैं। बड़े नामों में जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, उमा भारती, रविशंकर प्रसाद, शत्रुघ्न सिन्हा और बीसी खंडूरी बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं।आपको बता दू की गोरखपुर से सांसद योगी आदित्य नाथ ने भी आडवाणी के पक्ष मे वकालत की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह 1996 से 2004 के बीच वाजपेयी और आडवाणी की जोड़ी ने भाजपा का नेतृत्व किया और एनडीए की सरकार बनाई, उसी तरह अब आडवाणी और मोदी को मिलकर काम करना चाहिए। 
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  “” pics-इन-सबसे मिल-जुल कर बना है बीजेपी , एक हो जाये या फिर कही गुजरात की छेत्रिय पार्टी न बन जाये “”
मगर जिस तरह से आडवाणी जी और सुषमा जी पहले दिन के बैठक से नदारद रहे, उससे तो येही दीखता है की घर में ही सब गरबर है,इसी बिच फिर से   किसी जमाने में संघ के थिंक टैंक रहे गोविंदाचार्य ने कहा कि राजनाथ भाजपा के मनमोहन सिंह की तरह हैं। वहीं, राजनाथ ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को संसदीय बोर्ड में शामिल करने के फैसले को सही बताया। गोविंदाचार्य पहले ही कह चुके हैं कि मोदी प्रधानमंत्री बनने के लायक नहीं हैं। आडवाणी कही बेहतर है। इस तरह के बे-तुके-बयान-बाजी और नौटंकी धरने-प्रदर्शन से बचे और एक-जुट रहे, देश के विकाश में शक्ति-शाली विपक्छ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है
अब तो मेरा  येही कहना है की युपिए को हटाना है तो एक-जुट हो जाओ क्युकी —देर न हो जाये कही देर न हो जाये, बीजेपी को देर न हो जाये कही देर न हो जाये
विशाल श्रेष्ठ
नोट- लेखक के अपने निजी विचार है, कृपया विवाद न खरा करे 
 

अन्ना जी का कार्यालय

अन्ना जी का कार्यालय आजकल विवादों में है, मेरे हिसाब से अन्नाजी का कार्यालय तो ऐसी जगह है जहा से कोई हटा नहीं सकता, निकाल  नहीं सकता, पक्का ठिकाना है अन्नाजी के कार्यालय का वहा, चलो ये बाते बाद में, सुरुवात उस विवाद से जिसने मुझे भी सोच में डाल रखा है,
मुझे समझ में उस समय भी नहीं आया था की श्रीमती किरण बेदी ने क्यों उस जगह का चुनाव किया, घर की बात तो बहुत दूर उस जगह  उस तरह के हाय क्लास सोसाइटी में श्री अन्ना हजारे जी का कार्यालय होना ही नहीं चाहिए, मेरे हिसाब से हमारा कार्यालय (अन्नाजी का ) एक मिडिल क्लास सोसाइटी में होना चाहिए था, एक ऐसी जगह जहा बस और मेट्रो से पहुच सके, मिडिल क्लास में भी लोअर मिडिल क्लास, मेरे नज़र में कई ऐसे जगह है जहा श्री अन्ना  हजारे अपना कार्यालय बना सकते है, ऐसी जगह जहा 3 रूम सेट का किराया 10000 से 15000 ही हो और 3 या 4 कार खरी करने की सुविधा(आसपास) मिल जाये, नौकरीपेशा और माध्यम वर्गीय लोगो के बस्ती में रहने से वे सीधे आम आदमी तक पहुच सकने में भी समर्थयवान  होते ।( यहाँ मैं ये साफ कर दू मैं किरण जी या किसी और की कोई बुराई या उनके निर्णय का विरोध नहीं कर रहा, केवल मन में जो बात उठी वो बाते आपसे बाट रहा हु, )
गोविन्दपुरी,तुगलकाबाद,कालकाजी,महारानी बाग , महरौली,साकेत के कई इलाके,ईस्ट ऑफ़ कैलाश आदि कई जगह है दक्षिन देल्ली में, जहा मेट्रो और बस दोनों से आराम से पहुच सकते है,
अगर ईस्ट देली की बात करे तो पटपरगंज , सकरपुर, लक्ष्मीनगर,विवेक विहार आदि
नार्थ देल्ली- और सेंट्रल देल्ली से अच्छा साउथ और ईस्ट देल्ली रहेगी,ये वो इलाके है जहा आप आराम से पहुच सकते है और आपके (अन्ना ) के चाहने वाले बरी संख्या में है,खास कर महरौली और साकेत के इलाके जे एन यु के करीब भी है जिससे छात्रों की सख्या भी बढ़ जाती।
अभी भी देर नहीं हुए, हमें हक है की हम अपने कार्यालय को कही भी स्थानानतरित करे,अन्ना आन्दोलन कही से भी चल सकती है क्युकी अन्ना जी का असली और स्थायी कार्यालय तो आम-हिन्दुस्तानियों का दिल/ह्रदय/मन है। दिल में रहने का कोई किराया नहीं लगता, और वह से कोई अन्नाजी को निकल नहीं सकता। पक्का ठिकाना है अन्नाजी के कार्यालय का वहा, क्यों सच कहा न मैंने ?

अन्नाजी का स्वास्थ आजकल ठीक नहीं रहता,      Image  कुछ भितरघात के कारन थोरा उनके हृदय में चोट पहुची है और ये स्वाभाविक है, आखिर अन्नाजी भी आम इन्सान ही है, चलो कोई बात नहीं अब श्रीमती बेदी जी और अन्य सहयोगियों के कारन वो जनता से संवाद कर रहे है, और हमें इंतजार है अन्नाजी के हुंकार का, उस हुंकार का जिसे सुनकर कुर्सी के पिपाशु नेतागण हिल जाये, हम तैयार है और हम अन्नाजी के इशारे पे खुद भी बदलने को तैयार है और सत्ता नहीं व्यवस्था को भी बदलने के लिए तैयार है क्यों दोस्तों है न तैयार?
जय हिन्द जय हिन्द की सेना
अन्ना जी के स्वस्थ मंगल कामनाओ के साथ आपका ,विशाल श्रेष्ठ

सिर्फ हंगामा करना हमारा मकसद नहीं-अन्नाजी!

श्री  अन्ना हजारे ने सर्वोदय  एन्क्लेव  बी – 18 मे दो रूम का सेट लिया और  आज  रविवार को अपने सर्वोदय एंक्लेव ऑफिस का उद्घाटन किया। शनिवार को हुई बैठक में ही अन्ना के इस नए कार्यालय  की जानकारी मीडिया  को दे  दी  थी । अब  भ्रस्टाचार रूपी दानव के अंत  करने का नया  ठिकाना लोगो को मिल  गया ।कल  शनिवार  को  बैठक  में श्री हजारे और बेदिजी  ने सरकार  और केजरीवाल दोनों  पे तीखा हमला  किया ।  

बेदिजी  ने  साफ -साफ़  लहजे  में काहा  की अब  केजरीवाल  को अपनी  संस्था का नया नाम धुंध लेना चाहिए।अन्ना ने कहा कि वह केजरीवाल से कोई टकराव नहीं चाहते हैं लेकिन वह आईएसी का नाम वापस चाहते हैं, बशर्ते वह इसे वापस कर दें तो। उनके करीबी सहयोगी  मेघा पाटेकर  ने भी कहा की आजकल  केजरीवाल जिस तरह से आरोप लगा रहे है  उससे  कुछ नही मिलने वाला  आरोपों की गहरायी तक जाकर  उसपे काम  करने  की जरुरत है |

अन्ना  ने स्पस्ट कहा की जन-लोकपाल बन के रहेगी  और अगर  ये सरकार  ना  मानी  तो  इनका अंत निश्चित  है ।अन्ना  ने   पहले  भी कहा था  की मुझे केजरीवाल  से कोई मतभेद  नही और अगर वो किसी  भ्रष्ट नेता  के खिलाफ  चुनाव  लरते  है तो उनके लिए प्रचार  कर भी सकते है।मगर उनके राजनेतिक सोच का कभी  समर्थन नहीं  करूँगा ।
शनिवार को पांच घंटे चली कोर कमेटी की बैठक के बाद अन्ना ने कहा कि उनका आंदोलन भ्रष्टाचार और संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दों पर केंद्रित होगा। उन्होंने लोकपाल कानून को लेकर सरकार को जमकर कोसा। अन्ना ने कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। सरकार कमजोर बिल लाएगी तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा, 
इस  बिच  कुछ दुष्ट किस्म  के समर्थको  ने आज रविवार को  मीडिया के सामने हंगामा किया ,उनका  कहना  था की -ये मकान  एक समाजसेवी  और कांग्रेसी  कार्यकर्ता का है।और  ये अन्ना जी के मकसद के खिलाफ है,इस पर माकन मालिक बी सी शर्मा ने कहा की अन्नाजी के साथ सभी लोग है,वो कांग्रेसी भी है और बी जे पि के लोग भी है,और मैंने मकान किराये पे दिया तो इसमें  क्या हर्ज़  है?भ्रस्ताचार के खिलाफ आन्दोलन को सबका समर्थन है और जो  बे-वजह इस बात पे  हंगामा करता है वो जरुर अन्नाजी का  नहीं होगा | 
मेरा मानना  है की पायल अगरवाल को अगर कुछ करना ही था या कोई शिकायत ही थी तो वो सीधे अन्नाजी से या बेदी जी मिलती और अपना शिकायत रखती,मगर उनको भी मीडिया की फूतेज से प्यार है ऐसे दुष्ट  लोगो से मेरा आग्रह है की वो केजरीवाल जी के साथ हो ले। यहाँ के लोग, अन्नाजी के लोग मीडिया में जाकर हंगामा नही मचाते,बल्कि समस्या के समाधान पे धयान देते है वो भी सादगी के साथ।
अन्नाजी ने कितनी ही बार कहा है की -सिर्फ हंगामा करना हमारा मकसद नहीं ,हमारा मकसद है की कुछ परिणाम निकलना चाहिए !
अन्नाजी के नई कोर कमेटी में कुल 55 लोग होंगे। अन्य नामों पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक समन्वय समिति बनेगी, जिसके हर राज्य में दो सदस्य होंगे। हर राज्य से 50 स्वयंसेवकों को चुनकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।


अन्ना की टीम में शामिल चेहरे :-
संतोष हेगड़े : सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज व कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त

-किरण बेदी : देश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी

-मेधा पाटकर : सामाजिक कार्यकर्ता व नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख

-शशिकांत : पंजाब के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस

-अविनाश धर्माधिकारी : पूर्व आइएएस अधिकारी

-विश्वंभर चौधरी : सामाजिक व पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता

-राकेश रफीक : नेशनल एलायंस ऑफ पीपुल्स मूवमेंट से संबद्ध

-अखिल गोगोई : असम के आरटीआइ कार्यकर्ता

-अरविंद गौड़ : दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता

-अक्षय कुमार : ओडिशा में पॉस्को विरोधी आंदोलन के अगुआ

-सुनीता गोदरा :1992 की एशियाई मैराथन चैंपियन

-शिवेंद्र चौहान : पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता

-रणसिंह आर्य : प्राकृतिक चिकित्सक व समाजसेवी

-विजेंद्र खोखर : सेना के रिटायर्ड कर्नल

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आएये दोस्तों हम सब मिलकर  अन्नाजी का साथ दे और भ्रस्ताचार रूपी दानव का अंत कर अपने देश को तरक्की के पथ पर  आगे ले जाये

 जय हिन्द
विशाल श्रेष्ठ