I STILL FEEL YOU


I STILL FEEL YOU 
No matter
you are so far….. I still love you,
no matter
you live me alone ….I still love you
As though a part of me were also you.
Life isn’t easy, but I know without you
I’m Nothing.. without you
I feel broken
i feel blueeeee
but i still love you
yes!!! that’s true…. I still love you

lovee
The silence of my life
is now a part of my love
every fake smile of mine
is sarrow of my love
no matter you never mis me
no matter you are very selfish
i Still love you
with my every breath
I”m waiting
till the end of my life
i want to say
only one sentence
yes!! I still love you

by-shresth vishal (15 may)

ये सफ़र बहुत है कठिन मगर न उदास हो मेरे हमसफ़र ( ye safar bahut hai kathin magar ) my favorite song

गायक : शिवाजी चटोपाध्याय जी का गाया ये गाना मेरी ज़िन्दगी में एक सन्देश ले कर आया था , संगीतकार : राहुलदेव बर्मन गीतकार : जावेद अख्तर के दवारा फ़िल्म १९४२ अ लव स्टोरी में फिल्माया गया था , संजोग-वश ये बर्मन जी का आखिरी फ़िल्म रही,
इस गाने में छिपे सन्देश को समझना बहुत जरुरी है खास कर युवा वर्ग को , आप भी सुने और गुन-गुनाए —
ये सफ़र बहुत है कठिन मगर न उदास हो मेरे हमसफ़र ,
दिल ना उम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो हैं
लंबी हैं गम की शाम, मगर शाम ही तो है

ये सफ़र बहोत हैं कठीन मगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

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ये सितम की रात हैं ढलने को

है अन्धेरा गम का पिघलने को

ज़रा देर इस में लगे अगर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

नहीं रहनेवाली ये मुश्किलें
के हैं अगले मोड़ पे मंझीले
मेरी बात का तू यकीन कर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

कभी ढूंढ लेगा ये कारवां
वो नयी जमीन, नया आसमान
जिसे ढूँढती हैं तेरी नजर
ना उदास हो मेरे हमसफ़र

विशाल श्रेस्ठ

Jab tak hai Jaan ( As long as i live )

😉  I love this poetry , in the movie jab tak hai jaan….. all songs written by gulzar sir, but my this fav song is written by shahrukh khan & aadi chopra, gulzar help to finish this song for movie , a dream project of late Yash Chopra, here the full song/Poetry with translation in english, enjoy!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

  • Teri Aankhon Ki, Namkeen Mastiyaan….
  • Teri Hansi Ki, Beparwaah Gustakhiyaan….
  • Teri Zulfon Ki, Lehraati Angdaiyaan….
  • Nahi Bhoolunga Main….
  • Jab tak Hai jaan !!!
  • Jab tak Hai jaan !!!
  • the naughty fun in your eyes,
  • the carefree forwardness of your smile,
  • the wavy stretching of your hair,
  • I’ll not forget,
  • As long as I liv….
  • As long as I live …
  • Tera Haath Se Haath Chodnaa….
  • Tera Saayon Ka Rukh Modnaa…
  • Tera Palat Ke Phir Na Dekhna….
  • Nahin Maaf Karunga Main…
  • Jab Tak Hai Jaan !!!
  • Jab Tak Hai Jaan !!!
  • your leaving hand from hands,
  • your turning away from the shadows (of mine),
  • your not turning back to see,
  • I’ll not forgive,
  • As long as I live…..
  • As long as live …
  • .
  • Barisho Me Bedhadak, Tere nachne se..
  • Bat bat pe bewajah tere ruthne se..
  • Choti Choti teri bachkani badmashiyo se..
  • Mohabbat karunga Main…
  • Jab Tak Hai Jaan !!!
  • Jab Tak Hai Jaan !!!
  • your dancing freely in rains,
  • your getting angry on small things without reason,
  • your small, childish mischieves,
  • I’ll love them all,
  • As long as I live …
  • As long as I live ….
  • Tere jhute, kasame Waado se..
  • Tere jalte sulkate khaabo se..
  • Tere mehrehm, duwaao se…
  • Nafrat karunga Main
  • Jab Tak Hai Jaan !!!
  • Jab Tak Hai Jaan !!!
  • Your false promises,
  • your burning dreams,
  • your heartless wishes,
  • I’ll hate them all,
  • As long as I live….
  • As long as I live ..

jab tak hai jaan

vishal shresth

रेशम की राखी

रेशम की राखी

वो भी एक बहन थी, गरीबी से तंग थी!
पर मस्त-मलंग थी,स्वाभिमानी बहन थी!!
वो रेशम की राखी लाती कहा से!
भाई की कलाई पे सजाती कहा से!!
आँखों पे आशु छुपा-छुपा के!
लोगो की नज़रे बचा-बचा के!!
सूत के धागे पिरोया फिर उसने!
उस धागे से राखी बनाया फिर उसने!!
लाखो सपने सजा सजा के रखी थी!
मैं आउंगी भैया बता के रखी थी !!
पर राखी की थाली सजाउंगी कहा से!
दो मिठाई खरीद कर लाउंगी कहा से!!
पैसे तो घर में सदियों से नहीं है!
सय्या है परदेश,घर पे नहीं है !!
गुर की एक चासनी बनाया !
उस चासनी से फिर एक लड्डू बनाया!!
राखी को पहुंची भाई के आँगन में !
कारो के काफिले से सजी उस भवन में!!
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थे आंखे नम ,तन पे कपरे भी कम!
भाई ने जब प्यार से पुकारा,हुए आंखे नम !!
बंधवाई राखी बरे प्यार से भाई ने!
गले से लगाया फिर भौजाई ने !!
दिये तौह्फे में सोने का गहना !
तू सबसे प्यारी है ए-मेरी बहना !!
बहना ने बोला मेरी प्यारे भैया !
तेरा प्यार ही बहुत है, मान मेरा कहना !!
रिश्ते में है प्यार,बस येही है मेरा गहना !
इतना है अनुरोध बस घर-आते रहना!!
इतना है अनुरोध बस घर आते रहना!!!!
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नेता तू जब-जब जागा है !! (A-POEM)

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नेता तू जब-जब जागा है,
जनता हुआ अभागा है,
हो कोई भी पार्टी सब एक है,
रंग अलग-अलग पर ढंग एक है,
खुसियाली पे लगा ब्रेक है ,
भ्रस्ताचारी सरे अब एक है!!
नेता तू जब-जब जागा है,
हुआ जनता का हर पल शोषण ,
काले-धन से करे खुद का पोषण,
गाँधी,सुभास भगत से नहीं अब
कलमाड़ी,राजा, येदु से होता नाम रौशन
करते एक-दुसरे पे आरोप-रोपण
नेता तू जब-जब जागा है!!
सच कहता तू-ए -विशाल
ये मुल्क बड़। अभागा है॥

by – vishal shresth

धज्जिया उर गयी शराफत की जब (uttrakhand disaster )

धज्जिया उर गयी शराफत की जब ।
नेताओ ने   वहा लाशो पे भी सियासत की ॥
गिद्ध-बाजो की तरह आसमान में विचरे तुम जब ।
जमीन पे हजारो की ऑंखें नाम थी ॥
श्रेय लेने की होर में लरते रहे तुम जब।
कितने ही घरो में छायी मातम थी ॥

धन्य है वो सेना की जवान जिन्होंने ।
पिरितो को देवदूत सी मदत की ॥
एक सवाल उठा है मेरे मन में ए-विशाल !
पिरितो के घाव पे क्यों न उन्होंने  मरहम की ॥
धज्जिया उर गयी शराफत की जब ।
नेताओ ने  वहा लाशो पे भी सियासत की ||
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note- pics may be subject of copyright , poem is written by vishal shresth

माँ मुझको भी जिना था

  •  माँ प्यार से  दो रोटी खा ले
    कोख में तेरे मैं  भी हु !
    तू भी भूखी ना रहे .
    मैं भी भूखी न सोऊ !!
माँ! बाबा भी आते होंगे Image
गुर या चीनी लाते होंगे !
चाय बना के तू पि लेना
ठण्ड बरी है,आराम मीलेगी ,!!
घुटनों में जो दर्द है तेरे
थोरा तेल भी तू मल लेना !
रसोई में तो अब बची नहीं
बगल वाली चाची से ले आना !!
माँ तू इतनी गरीब क्यों है?
साड़ी तेरी फटी सि क्यों है?
बाबा नयी कब लायेंगे ?
हम भी “सब्जी-रोटी कब खायें”गे !!
माँ मुझे मरने मत देना
इस धरती पे आने देना !
माँ तुझे माँ कहना है
हा कलको मुझे भी माँ बनना है!!
अरे!बाबा किसको साथ लाये है ?
अच्छा! तो  वैध जी आये है
वैध जी ने ये क्या दवा बनाया?
माँ और बाबा तुमदोनो को क्यों रोना आया?
माँ तुमको क्यों ये पीना था ?
माँ मुझको भी जिना  था
आह! आह! आह!
माँ मुझको भी जिना था
 (c) vishal shresth
note- image credit is given unknown