भीलवाडा मोडेल पुरे देश मे लागू किया जा सकता है।

राजस्थान का भीलवाड़ा जिला पिछले महीने कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट बनकर उभरा था। वहां के सारे संक्रमितों के ठीक होने की खबर है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 से संक्रमित सभी लोग ठीक हुए

उसके बाद से देश भर मे राजस्थान के भीलवाड़ा में कोरोना वायरस से निपटने को लेकर अपनाई गई नीति कि भुरी भुरी प्रशन्शा कि गइ है। प्रदेश में सबसे पहले कोरोना का केंद्र बना भीलवाड़ा पूरे देश में चर्चित हुआ है। अब कोरोना से लड़ने के लिए अपनाया गया भीलवाड़ा मॉडल पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा में कोरोना का प्रकोप मार्च के तीसरे सप्ताह में एक साथ फैला तो सरकार ने घर-घर स्क्रीनिंग शुरू की और 18 लाख लोगों की जांच की गई। इसके लिए 15 हजार टीमें बनाई गई। पहले लॉकडाउन और फिर कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया गया

भीलवाडा मे कोरोनस पॉजिटिव पाए गए बिमार लोगो को तत्काल आइसोलेट किया गया। शंकाग्रस्त लोगो को क्वारंटाइन किया गया और लोगों के घरों के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। शर्मा ने बताया कि इससे पहले जयपुर के एसएमएस अस्पताल में कोरोपा पॉजिटिव मरीजों के इलाज को लेकर यहां के चिकित्सकों ने जो दवाइयां काम में ली थीं, उसके बारे में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी मांगी थी। उन दवाइयों के कारण कई मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए। सुत्रो के अनुसार काफी सारे मरिज हाइद्रोक्लोरोकाक्विन के प्रभावी असर से कोरोना मुक्त हुए।

राजस्थान सरकार ने भीलवाड़ा में अपनाया नया मोडेल

भीलवाड़ा में डॉक्टर के संक्रमित होने के बाद वहां बहुत तेजी से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी, परन्तु बाद में यह आंकड़ा २७ मरीजों से अधिक नहीं बढ़ा। पॉजिटिव मरीज सामने आते ही भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगाकर सीमाएं सील कर दी गईं। जिले के सभी निजी अस्पतालों और होटलों को अधिगृहीत कर लिया गया। लॉकडाउन कि सख्ती से पालना और घर-घर स्क्रीनिंग की गई। जनप्रतिनिधियों,मीडिया और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शहर में प्रवेश नहीं दिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस के भी कुछ ही अधिकारी शहर में गए। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने पर जोर दिया गया। इन सबके चलते भीलवाड़ा में कोरोना के मामले आगे नहीं बढ़े। डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपना मनोबल ऊंचा रखा। इसका असर भी दिखा और कई संक्रमित मरीज ठीक हो गए। भीलवाड़ा में प्रशासनिक, पुलिस और मेडिकल के थ्री टियर प्रयास के साथ साथ वहां की जनता ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा। इसकी बदौलत कोरोना पर पुर्ण नियंत्रण कर लिया गया है

भीलवाड़ा मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही हो आज उस मॉडल के जनक की भी चर्चा होनी चाहिए. भले ही फैसला मौजूदा सरकार का था, लेकिन मॉडल की पूरी रूप-रेखा बनाने वाले भीलवाड़ा कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ही हैं। इनके अथक मिहिनेत के कारण आज कोरोना मुक्त हो चुके है। इसि खुशी को दर्शाने के लिये पुलिस प्रशासन ने एक अभुतपुर्व विजय जुलुस भी निकाला था।

sources :

Zee news

Bbc hindi

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/bhilwara-covid-19-bhilwara-is-becoming-nazir-across-the-country-in-the-war-with-corona-these-are-important-steps-to-success-rjsr-2997952.html

https://www.google.com/amp/s/www.bbc.com/hindi/amp/india-51990683